डोंगरगांव। कलेक्टर श्री जितेंद्र यादव के कड़े रुख और खनिज माफियाओं के खिलाफ जारी निर्देशों के बाद जिले में अवैध उत्खनन और परिवहनकर्ताओं पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने डोंगरगांव तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में आकस्मिक दबिश दी। इस औचक कार्रवाई के दौरान मुरूम और चूना पत्थर गिट्टी का अवैध रूप से उत्खनन व परिवहन करते हुए रंगे हाथों 1 जेसीबी मशीन, 2 हाईवा और 1 माजदा वाहन को जब्त किया गया है। जब्त किए गए सभी वाहनों को सुरक्षित कार्रवाई के लिए डोंगरगांव थाने की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
डोंगरगांव तहसील के आधा दर्जन गांवों में खनिज टीम का छापा
खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग की विशेष टीम ने रविवार (24 मई) को डोंगरगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीजाभाठा, लक्ष्मणभरदा, सालिकझिटिया, डोंगरगांव, कुमरदा और अर्जुनी क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। टीम के अचानक पहुंचते ही खदानों और परिवहन मार्गों पर अवैध काम में जुटे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इन रसूखदारों के वाहनों पर हुई जब्ती की बड़ी कार्रवाई
अवैध उत्खनन और बिना रॉयल्टी पर्ची के खनिजों का परिवहन करने पर खनिज विभाग ने निम्नलिखित वाहनों को पकड़कर सीज किया है:
मुरूम का अवैध उत्खनन व परिवहन: खैरागढ़ निवासी किशोर पटेल के स्वामित्व वाली जेसीबी मशीन (क्रमांक सीजी 08 बीए 2050) को मुरूम का अवैध उत्खनन करते पकड़ा गया, जिसे चालक हरेंद्र निषाद चला रहा था। वहीं, खोदे गए मुरूम का अवैध परिवहन करते हुए राजनांदगांव निवासी दुर्गेश देवांगन के स्वामित्व वाले हाईवा (क्रमांक सीजी 08 एएन 4987) को रोका गया, जिसे चालक तोमन साहू चला रहा था।
चूना पत्थर गिट्टी की तस्करी: राजनांदगांव निवासी रोमील गोलछा के स्वामित्व वाले हाईवा (क्रमांक सीजी 08 एबी 6714) को अवैध गिट्टी परिवहन करते पकड़ा गया, वाहन चालक का नाम विकास बताया गया है। इसके अलावा अर्जुनी निवासी हरि साहू के स्वामित्व वाले माजदा वाहन (क्रमांक सीजी 15 एसी 2651) को भी चूना पत्थर गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए जब्त किया गया, जिसे चालक सूरज कुमार चला रहा था।
अधिनियम के तहत दर्ज हुआ केस, गश्त रहेगी जारी
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए इन सभी चार मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। विभाग ने साफ किया है कि पर्यावरण और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त, छापेमारी और निगरानी की कार्रवाई जारी रहेगी।
