खरीफ सीजन से पहले खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों को नहीं होगी परेशानी

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच जिले में किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। कृषि विभाग के अनुसार मानसून की आहट के साथ किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं और सहकारी समितियों से लगातार खाद-बीज का उठाव कर रहे हैं।

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में आगामी खरीफ मौसम में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुआई संभावित है। किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए एक अप्रैल से ही सहकारी समितियों में भंडारण कार्य शुरू कर दिया गया था।

खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 45 हजार 650 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अब तक 12 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया, 365 मीट्रिक टन से अधिक एसएसपी, 2755 मीट्रिक टन से अधिक एमओपी तथा करीब 3 हजार मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा लगातार उठाव किए जाने के बावजूद जिले में अभी भी 12 हजार 584 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 17 हजार 205 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है। वहीं बीजों की उपलब्धता भी संतोषजनक बताई गई है। खरीफ सीजन के लिए 14 हजार 331 क्विंटल बीज की मांग के मुकाबले अब तक 7236 क्विंटल बीजों का भंडारण किया गया है। इनमें से 1533 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं।

हरी खाद को भी बढ़ावा
कृषि विभाग किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए हरी खाद के उपयोग के प्रति भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए जिले में 350 क्विंटल मूंग बीज और 100 क्विंटल धैचा बीज का भंडारण किया गया है।

विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद और बीज का समय पर उठाव करें तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।