राजनांदगांव। छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने सीएम हेल्पलाइन की आंकड़ों की जादूगरी व्यवस्था पर कहा कि जिस प्रदेश के उप मुख्यमंत्री के विभाग पी डब्लू डी के 13 अधिकारियों को नोटिस मिले और उप मुख्यमंत्री के निर्वाचन जिला के राजस्व अधिकारी को निलंबित करना यह दर्शित करता है कि सी एम हेल्पलाइन गुमराह का सशक्त माध्यम हैं या कहे कि छ ग में प्रशासनिक आतंकवाद है।
सी एम हेल्पलाइन ,प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्रीयो सहित विधानसभा अध्यक्ष के जिले में भी अधिकारी प्रमाणित अपराध के आरोपियों को बचाने एड़ी चोटी का जोर लगा कर सजग कलेक्टर के मनसूबों की धज्जी उड़ाए बैठे हैं। शासकीय पट्टे भी भूमि की अवैध खरीदी बिक्री पर पट्टे निरस्त कर भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश 24 अगस्त से जारी किया गया है किंतु नायब तहसीलदार आज तक कार्यवाही नहीं किए है। एनआईसी से नामांतरण फर्जीवाड़ा करने वालो पर सितंबर 2025 से थाना कोतवाली में अपराध दर्ज है लेकिन तहसीलदार जानकारी नहीं दे रहे जिसके चलते आरोपी खुले में घूम कर कानून की हंसी उड़ा रहे हैं।
ग्राम मोहंदी के सरपंच बिना पंचायत प्रस्ताव बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति 400 से अधिक शासकीय झाड़ काट बेच कर पैसा रख लिया एस डी एम इस गंभीर मामले में धीरे है इसी प्रकार एस सी वर्ग के गरीब परिवार की भूमि को फर्जीवाड़ा कर बिना सूचना दिए बिना तिथि निर्धारित किये 5 दिन में बाहरी को कब्जा दिला दिया।
इसी प्रकार 2024 से अतिक्रमण हटाने का आदेश उसके बाद 15 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट से आदेश के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया एक उद्योग के खिलाफ शिकायत सी एम हेल्पलाइन में किए जाने पर अधिकारी गोलमोल कर मामला दबाने का खेल किया है ऐसे दर्जनों मामले है जिससे छ ग सरकार की लचर प्रशासनिक व्यवस्था प्रमाणित है जिसके चलते सी एम हेल्पलाइन हेल्पलेस साबित हो रहा है।
