राजनांदगांव। छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत खुर्सीपार में फसल चक्र परिवर्तन के लिए विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें ग्राम के किसानों द्वारा जल संरक्षण के लिए विशेष पहल की गई है। ग्राम पंचायत खुर्सीपार के ग्रामसभा में रबी मौसम में धान की फसल नहीं लेने का निर्णय लिया गया। ग्रीष्मकालीन फसल में चना, तीवरा, मूंग, गेहूं, मक्का जैसी कम पानी उपयोग वाली फसल लेने के लिए चर्चा की गई। जिले में भू-जल स्तर गिरावट के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा आयोजित कर फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत खुर्सीपार के विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों को फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया कि धान की खेती से भूमि की उर्वरता में कमी होती है। बदलते मौसम और बढ़ते उत्पाद खर्च को देखते हुए फसल पद्धति में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया गया। धान की फसल लेने से होनी वाली समस्याओं के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी दी गई। पानी मोटर के लगातार चलने से घरों में लो-वोल्टेज की समस्या होती है। गांव के बोरवेल और बोरिंग में जल स्तर सूख जाता है। जिससे पेयजल की समस्या उत्पन्न होती है। विशेष ग्राम सभा में सरपंच, पंच ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
Sunday, August 16, 2026
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