टाउन हॉल में स्वास्थ्य विभाग की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित, पार्षदों को दी गई योजनाओं की जानकारी

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राजनांदगांव। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, जिला राजनांदगांव द्वारा नगर निगम के टाउन हॉल में पार्षदों के लिए स्वास्थ्य विभाग से संबंधित गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला (यू.एल.बी.) का आयोजन किया गया। महापौर मधुसूदन यादव की गरिमामय मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में शहरी क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह (पारस) वर्मा, आयुक्त जी.आर. मरकाम, स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन शैंकी बग्गा सहित बड़ी संख्या में पार्षद एवं नामांकित पार्षद उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न के मार्गदर्शन में जिला नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया और जिला प्रबंधक डॉ. पूजा मेहराम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की संरचना और इसके तहत संचालित योजनाओं की जानकारी दी।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निःशुल्क जांच कराने की अपील

महापौर मधुसूदन यादव ने बताया कि शहर में वर्तमान में तीन शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां सभी प्रकार की बीमारियों का निःशुल्क इलाज व जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की कि वे अपने वार्डवासियों को इन केंद्रों में जाकर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित करें। महापौर ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण तथा 14 वर्ष की बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान में अनिवार्य रूप से सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।

झुग्गी बस्तियों में महामारी नियंत्रण पर विशेष निगरानी के निर्देश

निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने कहा कि शहर की मलिन एवं झुग्गी बस्तियों में महामारी संभावित संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हांकित कर उन पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने पार्षदों से चर्चा कर ऐसी बस्तियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन लोक कर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा ने किया।

54 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

कार्यशाला के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 54 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें परामर्श दिया गया। जांच दल में भूपेश साहू, केशव साहू (टीबी विभाग), एएनएम धनेश्वरी साहू, संजय गबेल व विकास शामिल थे।