राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग के महामंत्री रूपेश दुबे ने निर्वाचन आयोग के तुगलकी निर्णय एस आई आर से देश की लोकतंत्र की हत्या प्रमाणित है वही देश के 13 करोड़ 37 लाख मतदाता एवं छ ग के 19 लाख 13 हजार 540 आम मतदाताओ के नाम हटाया जाना सार्वजनिक है जिससे जनतंत्र की हत्या और अब पितृ पक्ष और नवरात्र के दौरान विशेष अभियान को आयोग द्वारा अपने दुष्कृत्यों पर पर्दा डालने के साथ धार्मिक आस्था की हत्या का कृत्य बताया है।
प्रवक्ता रूपेश दुबे ने कहा कि जिस प्रकार से आयोग के निर्वाचन आयुक्तों के मध्य मतभेद उजागर हुए और 10 माह में ही 14 आपत्ति दो आयुक्तों ने दर्ज कराए थे पर अधिनायकवादी मुख्य चुनाव आयुक्त ने विधिक आपत्ति को दरकिनार कर नए मतदाताओं के नाम जोड़ने वाले प्रपत्र 6 में बिना लोकसभा से विधेयक पारित कराए बदलाव कर नए मतदाताओं के नाम जोड़ने से रोकने के लिए एनेक्सचर डी भरने की अनिवार्यता की थी वहीं पूर्व के पात्र मतदाताओं का नाम एस आई आर से काटने का दुष्कृत्य किया जो अक्षम्य अपराध है जिसको लेकर पूरे देश के जागरूकजन आंदोलनरत है लेकिन सत्ता का दुरुपयोग कर जनआंदोलन को कुचलने का असफल प्रयास किया जा रहा है जो भारतीय लोकतंत्र के लिए घातक है।
अपने खिलाफ प्रारंभ हुए इस जनांदोलन से ध्यान भटकाने निर्वाचन आयोग ने विशेष अभियान की नौटंकी कर पितृपक्ष, नवरात्रि के पावन पर्व में जनता के धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने पर आमादा है साथ ही साथ आयोग ने इस अभियान से अपनी असक्षमता को प्रमाणित कर दिया कि जिस एस आई आर से मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित का आधार बताया था वह पूरी तरह से फ्लॉफ साबित हुआ है।
एसआईआर के दौरान प्रपत्र 7 का दुरुपयोग कर भाजपा के लोग सीधे तहसील कार्यालय में नाम कटवाने का आवेदन दिए कांग्रेस ने इस पर शिकायत दर्ज कराया पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके चलते ही बड़ी संख्या में पात्र मतदाता के नाम हटाए गए अब अपने फर्जीवाड़ा को ठीक करने के लिए 5 से 31 अक्टूबर की तिथि तय की गई है जो पितृ पक्ष और नवरात्र पर्व का समय है अब जनता इस दुविधा में है कि पितरों का श्राद्ध करे नवरात्र कि पूजा करे या बूथों में 4 बुधवार और 4 गुरुवार को लाइन लगाकर मात्र 8 दिन में अपना नाम वोटर लिस्ट में खोजे त्रुटि सुधार करवाए या नाम जुड़वाए।
