राजनांदगांव। फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट कर बेचने और लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक फरार आरोपी को गैंदाटोला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी जियो (Jio) कंपनी में कार्यरत था और अपनी पहुंच व सुविधाओं का दुरुपयोग करते हुए फर्जी सिम एक्टिवेट कर अन्य व्यक्तियों को ऊंचे दामों में बेचता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से 238 नग ब्लैंक सिम कार्ड, 2 नग बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन, 2 मोबाइल और 25 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।
पोखन मोबाइल संचालक की शिकायत पर खुला था मामला
पुलिस के अनुसार, गैंदाटोला स्थित ‘पोखन मोबाइल पीओएस’ के संचालक द्वारा फर्जी सिम एक्टिवेट कर बेचने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर गैंदाटोला थाने में अपराध क्रमांक 14/2025 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(सी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। पुलिस इस मामले में 5 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरोह का मुख्य सहयोगी मनीष कुमार शांडिल्य (25 वर्ष), निवासी बमहनीभाठा (डोंगरगांव), घटना के बाद से फरार चल रहा था।
सोमनी से घेराबंदी कर दबोचा गया
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी डोंगरगांव मंजुलता बाज के पर्यवेक्षण में गैंदाटोला थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को सोमनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पासबुक, चेकबुक और नगदी बरामद
पूछताछ के बाद आरोपी के कब्जे से फर्जी सिम के लेन-देन में प्रयुक्त ओप्पो व रियलमी कंपनी के 2 मोबाइल, 238 नग नॉन-एक्टिवेटेड जियो सिम कार्ड, 2 फिंगरप्रिंट मशीन, बैंक पासबुक, 6 चेकबुक और बिक्री से प्राप्त 25 हजार रुपये नगद जब्त किए गए हैं। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम, बैंक खातों अथवा लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाने में दें।
