मोहला-मानपुर में ऐतिहासिक शुरुआत : अनाथ बालक को मिला नया परिवार, सुरक्षित हुआ भविष्य

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मोहला। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल कल्याण समिति (CWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले का पहला सफल फॉस्टर केयर (पोषण देखरेख) पुनर्वास पूरा किया गया। इसके तहत एक अनाथ बालक को बालगृह से निकालकर सुरक्षित और पारिवारिक माहौल उपलब्ध कराया गया है।

कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम के निर्देशन में सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के रेस्क्यू एवं पुनर्वास के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने एक स्थानीय ढाबे से बालक का रेस्क्यू किया था। जांच में पता चला कि बालक के माता-पिता व दादा-दादी का निधन हो चुका है। बालगृह में काउंसलिंग के दौरान जब बालक ने पारिवारिक माहौल में रहने की इच्छा जताई, तो प्रशासन ने उसके दूर के रिश्तेदारों से संपर्क साधा।

सभी औपचारिकताएं पूरी कर सौंपा परिवार को

बालक के रिश्तेदारों ने उसे सहर्ष अपने साथ रखने की सहमति जताई। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा पोषण परिवार का गृह अध्ययन, साक्षात्कार व पात्रता सत्यापन किया गया। बालक के पहचान संबंधी दस्तावेज और आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोर न्याय अधिनियम के तहत बालक को विधिवत पोषण परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।

परिवार में खुशहाल जीवन बिता रहा बालक

वर्तमान में बालक अपने नए परिवार के साथ सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण वातावरण में रह रहा है। पोषण परिवार द्वारा उसकी शैक्षणिक व दैनिक जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। संस्थागत जीवन से निकलकर नियमित स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहा यह बालक जिले में बाल अधिकारों और वैकल्पिक देखरेख व्यवस्था की सफलता का एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।