व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड; परिवार व प्रदेश में जश्न का माहौल
ग्लासगो (स्कॉटलैंड) | 27 जुलाई, 2026 | (नांदगांव टाइम्स)कामनवेल्थ खेलों के 22वें संस्करण में भारत के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला भारोत्तोलन (53 किग्रा वर्ग) में रजत पदक अपने नाम किया। यह उपलब्धि इसलिए और भी खास हो गई क्योंकि उन्होंने इस दौरान अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान भी स्थापित किए।

शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड
ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किग्रा (स्नैच में 88 किग्रा तथा क्लीन ऐंड जर्क में 111 किग्रा) भार उठाकर न केवल अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया, बल्कि क्लीन ऐंड जर्क और कुल भार दोनों में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज किया। उनके स्नैच के 85 किग्रा और 88 किग्रा के प्रयास भी ऐतिहासिक रहे, जिन्होंने उन्हें पदक की दौड़ में मजबूती से खड़ा किया।हालांकि इस वर्ग में नाइजीरिया की ओनोम डिडिह ने 206 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक जीता, लेकिन ज्ञानेश्वरी ने कनाडा की रिबेका ग्रोलक्स को पछाड़कर रजत पदक पर अपनी दावेदारी पक्की कर ली।
छत्तीसगढ़ में गूंजी खुशी
जैसे ही यह खबर आई, ज्ञानेश्वरी के पैतृक गाँव राजनांदगांव में जश्न का माहौल बन गया। परिजनों, कोचों और स्थानीय प्रशंसकों ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयाँ बाँटकर इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताई। ज्ञानेश्वरी की मां ने कहा, “बेटी ने हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। वह बचपन से ही मेहनती थी, आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”
पुलिस महकमे को भी गर्व
गौरतलब है कि ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस महकमे ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वह विभाग के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इससे पहले वर्ष 2025 में उन्हें राज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘गुंडाधुर सम्मान’ से भी नवाजा जा चुका है।
एक इलेक्ट्रीशियन की बेटी का सपना
एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली ज्ञानेश्वरी ने पावरलिफ्टिंग से अपनी शुरुआत की थी, लेकिन जल्द ही भारोत्तोलन में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 2022 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने के बाद से उनका सफर निरंतर आगे बढ़ा है।
