संस्कार, साहित्य और खेल की पावन धरा पर जल-जन सेवा संकल्प यात्रा का भव्य स्वागत

Share This :

राजनांदगांव। गुजरात से प्रारंभ होकर छत्तीसगढ़ के रास्ते वाराणसी तक जाने वाली ‘जल-जन सेवा संकल्प यात्रा’ का संस्कारधानी राजनांदगांव पहुंचने पर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित ‘युवा संवाद एवं खिलाड़ियों से संवाद’ कार्यक्रम में गुजरात से आए सेवा यात्रियों ने युवाओं के साथ यात्रा के उद्देश्य, जल-संरक्षण, स्वच्छता और राष्ट्रसेवा के अपने अनुभवों को साझा किया।

इसके पूर्व यात्रा के छत्तीसगढ़ प्रवेश पर 28 सितंबर को बागनदी सीमा पर प्रदेश के शिक्षा एवं प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव तथा बिहान की स्वच्छता दीदियों ने यात्रियों का जोशीला स्वागत किया। बिहान की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित स्व-सहायता समूहों, महतारी वंदन योजना व स्वच्छता अभियानों से आए बदलाव की जानकारी दी। स्वागत से अभिभूत यात्रियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बहनों के अपनत्व ने पूरे दिन की यात्रा की थकान मिटा दी।

प्रमुख गतिविधियां एवं मुख्य आकर्षण
श्रमदान व स्वच्छता अभियान: 29 सितंबर की सुबह पेंड्री (वार्ड क्रमांक 20) में यात्रियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया, पौधरोपण किया तथा पशुओं के लिए कोटाना का वितरण किया।

युवा मोर्चा की विशाल बाइक रैली: बागनदी से सिंधु भवन तथा ऑडिटोरियम से अंजोरा तक भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिया के नेतृत्व में 200 से अधिक युवाओं ने बाइक रैली निकाल कर माहौल को उमंग से भर दिया।

सिंधु भवन में आत्मीय आतिथ्य: सिंधु भवन में महापौर मधुसूदन यादव, सांसद संतोष पांडेय व जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की उपस्थिति में अतिथियों व सेवा यात्रियों ने एक साथ जमीन पर बैठकर रात्रि भोज का आनंद लिया।

सेवा भावना समाज को जोड़ती है: अरुण साव
युवा संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सेवा की भावना समाज को जोड़ने का काम करती है। ऐसी यात्राओं से युवाओं में सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत होता है।

सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत का दिया संदेश: संतोष पांडेय
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीराम का ननिहाल छत्तीसगढ़ रहा है। यात्राओं का उद्देश्य हमेशा समाज को दिशा देना होता है। पांच पवित्र नदियों का जल लेकर निकली यह जल-जन सेवा संकल्प यात्रा पूरे देश में एकता व सद्भावना का संदेश दे रही है।

साहित्यिक एवं खेल नगरी को किया नमन
यात्रा प्रभारी व गुजरात से आए राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ला ने राजनांदगांव की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पावन धरा पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे महान साहित्यकारों की कर्मभूमि रही है। साहित्य के साथ-साथ हॉकी और खेलों के क्षेत्र में राजनांदगांव की विशिष्ट पहचान है।

कार्यक्रम के पश्चात यात्रा गौरव पथ से शहर भ्रमण करते हुए दुर्ग जिले की ओर प्रस्थान कर गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी एवं नागरिक उपस्थित रहे।