सोशल मीडिया कंपनियों की पहली प्राथमिकता उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हो : विवेक मोनू भंडारी

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राजनांदगांव। सामाजिक कार्यकर्ता विवेक मोनू भंडारी ने देश में बढ़ते साइबर अपराध, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, पहचान की चोरी और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सोशल मीडिया कंपनियों से डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को केवल उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
भंडारी ने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आज करोड़ों लोगों के जीवन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इन्हीं माध्यमों का सबसे अधिक दुरुपयोग साइबर अपराधी कर रहे हैं। फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी, ब्लैकमेल, अफवाह फैलाने और किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग कर अपराध करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार अपराध कोई और करता है, जबकि कानूनी परेशानियों का सामना निर्दोष लोगों को करना पड़ता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया पर नया अकाउंट बनाने के लिए लाइव फोटो सत्यापन और फिंगरप्रिंट या फेस लॉक आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया जाए। साथ ही प्रत्येक बार सोशल मीडिया ऐप खोलने पर भी बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था हो, ताकि मोबाइल चोरी होने या पासवर्ड लीक होने की स्थिति में भी अकाउंट का दुरुपयोग न हो सके।
भंडारी ने यह भी कहा कि उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा मिलनी चाहिए कि वे आसानी से देख सकें कि उनका अकाउंट किन.किन डिवाइस और स्थानों से लॉगिन है। किसी संदिग्ध डिवाइस या लोकेशन की जानकारी मिलने पर उसे तत्काल लॉगआउट करने और पासवर्ड बदलने का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि नए मोबाइल, नए शहर या किसी अन्य देश से लॉगिन के प्रयास पर उपयोगकर्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तत्काल सूचना भेजी जाए और उसकी स्वीकृति मिलने के बाद ही लॉगिन की अनुमति दी जाए। इसी तरह पासवर्ड, मोबाइल नंबर या ई-मेल बदलने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन भी अनिवार्य होना चाहिए।
विवेक मोनू भंडारी ने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की पहचान, प्रतिष्ठा, व्यापार और आजीविका का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इसकी सुरक्षा भी बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणालियों की तरह सर्वोच्च प्राथमिकता पर होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सभी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों से इस दिशा में ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने का आग्रह किया, ताकि फर्जी अकाउंट, पहचान की चोरी, साइबर ठगी और अकाउंट हैकिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।