7 सप्ताह बाद मस्ती की पाठशाला का समापन, पारंपरिक खेलों से लेकर जुम्बा तक में झूमे बच्चे-बुजुर्ग

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राजनांदगांव। नगर निगम द्वारा नागरिकों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए शुरू की गई “मस्ती की पाठशाला” का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। 3 मई से शुरू हुए इस आयोजन में सात सप्ताह तक बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक खेलों, योग, गीत-संगीत और जुम्बा डांस का भरपूर आनंद लिया।

समापन अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि नागरिकों की मांग पर शुरू की गई मस्ती की पाठशाला को लोगों का भरपूर प्यार मिला। हर सप्ताह सुबह 6 बजे से बड़ी संख्या में परिवारों के साथ लोग पहुंचते रहे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, निगम अधिकारियों-कर्मचारियों, पार्षदों और यातायात विभाग का आभार जताया। महापौर ने कहा कि नए शिक्षा सत्र और मानसून को देखते हुए फिलहाल पाठशाला को विराम दिया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसे और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

कलेक्टर जितेन्द्र यादव भी पाठशाला में पहुंचे और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम की शुरुआत योगाभ्यास से हुई। इसके बाद रस्साकशी, मटकी फोड़, रस्सीकूद, पिट्टूल, भौरा, बैडमिंटन, सांप-सीढ़ी, कराटे और तीरंदाजी जैसे खेलों में लोगों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने झूले, फिसलपट्टी, रिंग डालो और निशाना लगाओ जैसे खेलों का आनंद उठाया। चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को यामिनी कला केंद्र द्वारा पुरस्कृत किया गया।

जुम्बा डांस और अखाड़ा प्रदर्शन रहे आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में गीत-संगीत और जुम्बा डांस ने विशेष आकर्षण बटोरा। छत्तीसगढ़ी और हिंदी गीतों पर प्रतिभागी देर तक थिरकते रहे। बाली अखाड़ा के बच्चों और युवाओं ने आग के गोले घुमाने सहित विभिन्न करतब दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महापौर मधुसूदन यादव ने भी गीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।

दिसंबर में फिर आयोजन की उठी मांग
प्रतिभागियों ने कहा कि मोबाइल के दौर में इस तरह का आयोजन बच्चों को पारंपरिक खेलों से जोड़ने का बेहतर माध्यम बना। कई लोगों ने कहा कि पाठशाला ने उनके बचपन की यादें ताजा कर दीं। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने ठंड के मौसम में दिसंबर माह के दौरान भी मस्ती की पाठशाला आयोजित करने की मांग की।

समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया। महाकाल सेना और व्यापारिक संगठनों ने महापौर, निगम अध्यक्ष और आयुक्त का सम्मान किया। वहीं छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज की ओर से स्वास्थ्य जांच और काढ़ा वितरण किया गया।

निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने आयोजन में सहयोग देने वाले विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल संगठनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा, पार्षदगण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।