खरीफ सीजन के लिए समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों ने जताई संतुष्टि

Share This :

राजनांदगांव। जिले में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ सीजन की खेती.किसानी की तैयारियां जोरों पर हैं। खेतों को संवारने के बाद अब किसान सहकारी समितियों में पहुंचकर खाद और उन्नत बीजों की खरीदी कर रहे हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कृषि विभाग और सोसायटियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की परेशानी न हो और समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। इस वर्ष पारंपरिक खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।
राजनांदगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सिंगदई के किसान कमल नारायण साहू ने बताया कि उनके पास करीब सवा दो एकड़ जमीन है। वे ढाबा सोसायटी से 3 बोरी यूरिया, 3 बोरी डीएपी और 3 बोरा पोटाश खाद लेकर लौट रहे हैं। उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण है और जरूरत के मुताबिक खाद आसानी से मिल रही है।
कमल नारायण ने आगे कहा कि शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति मि्ंटल की दर और प्रति एकड़ 21 मि्ंटल के मान से धान की खरीदी किए जाने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
ग्राम फरहद के किसान घनश्याम पटेल ने बताया कि उनके पास 1 एकड़ कृषि भूमि है। वे सोसायटी से खाद और राखड़ (सुपर फास्फेट) लेकर जा रहे हैं। इस बार वे अपने खेत में महामाया धान की फसल लेंगे, जिससे उन्हें 30 से 35 कट्टा उत्पादन की उम्मीद है। इस उपज को वे कृषक उन्नति योजना के तहत बेचेंगे।
ग्राम सिंगदई की महिला कृषक ललिता साहू ने बताया कि उनके पास साढ़े 4 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने ढाबा सोसायटी से अपनी जरूरत के अनुसार 5 बोरी यूरिया, 5 बोरी पोटाश एवं 5 बोरा डीएपी (कुल 15 बोरी) खाद क्रय की है। समय पर खाद मिलने से वे बेहद खुश हैं, ताकि बोआई का काम समय पर शुरू हो सके।
खेती.किसानी के अनुकूल सरकारी नीतियों और समय पर इनपुट (खाद-बीज) मिलने पर क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि धान का बेहतर दाम मिलने से अब खेती घाटे का सौदा नहीं रही।