राजनांदगांव। खरीफ सीजन में खेती-किसानी के कार्यों ने गति पकड़ ली है। किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले की सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 55,063 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले के लिए 68,960 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक सरकारी क्षेत्र में 39,529 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 15,534 मीट्रिक टन सहित कुल 55,063 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से 31,640 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 11,874 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है। इस प्रकार जिले में अब तक कुल 43,513 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों तक पहुंच चुका है।
वर्तमान में सहकारी समितियों में 3,891 मीट्रिक टन यूरिया, 427 मीट्रिक टन डीएपी, 1,083 मीट्रिक टन एनपीके, 1,317 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट तथा 1,170 मीट्रिक टन पोटाश सहित कुल 7,889 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। वहीं निजी क्षेत्र में भी 3,660 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक मौजूद है।
कृषि विभाग ने किसानों को आवश्यकतानुसार समय पर खाद-बीज का उठाव कर संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है, ताकि खरीफ फसलों का बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
