लोहे के केज व रिंग लगे ट्रैक्टर सार्वजनिक सड़कों पर न चलाएं किसान

Share This :

राजनांदगांव। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि कृषि कार्य में उपयोग होने वाले लोहे के केज व रिंग लगे ट्रैक्टरों का संचालन सार्वजनिक सड़कों, सीमेंट एवं डामरीकृत मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर न करें। विभाग ने कहा है कि ऐसे ट्रैक्टरों के संचालन से सड़कों को गंभीर नुकसान पहुंचने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
परिवहन विभाग के अनुसार ट्रैक्टरों के पहियों में लगाए जाने वाले लोहे के केज व रिंग खेतों में उपयोग के लिए बनाए गए हैं। इनका सार्वजनिक मार्गों पर उपयोग करने से सीमेंट और डामर की सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं। साथ ही सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होती है, जिससे मार्ग संकरा प्रतीत होने लगता है और दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने किसानों से आग्रह किया है कि केज व रिंग लगे पहियों का उपयोग केवल कृषि कार्य के दौरान खेतों में ही करें। खेत में कार्य पूरा होने के बाद केज व्हील वहीं निकालकर सामान्य पहियों के साथ ही ट्रैक्टर का संचालन सार्वजनिक मार्गों पर करें। उन्होंने कहा कि इससे सड़कों की गुणवत्ता सुरक्षित रहेगी और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।