राजनांदगांव। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ ग्रामीण अंचलों में आर्थिक समृद्धि और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया उजाला फैला रही है। इस योजना के चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक की भूमिका में आ गए हैं। जिले के ग्राम जंगलेसर निवासी किसान श्री रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर इसका जीवंत उदाहरण बन चुके हैं, जिन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर न सिर्फ अपना बिजली बिल शून्य कर लिया है, बल्कि अब बिजली बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने की राह पर हैं।
सब्सिडी का मिला लाभ, 1500 रुपये के बिल से मिली मुक्ति
किसान रामेश्वर प्रसाद ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लगभग तीन-चार माह पूर्व फरवरी 2026 में बैंक वित्तीय सहायता के माध्यम से अपने घर पर 2 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करवाया था। इस संयंत्र की स्थापना पर उन्हें शासन की ओर से 90 हजार रुपये की बड़ी सब्सिडी राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल हर महीने 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक आता था, जिससे घरेलू बजट प्रभावित होता था। लेकिन जब से सोलर संयंत्र चालू हुआ है, तब से उनका बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो चुका है।
प्रतिदिन 5 से 8 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड में हो रही जमा
संयंत्र की कार्यप्रणाली को लेकर रामेश्वर ने बताया कि वे मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन बिजली उत्पादन और उसकी खपत की लाइव मॉनिटरिंग करते हैं। वर्तमान में उनका संयंत्र प्रतिदिन औसतन 5 से 8 यूनिट अतिरिक्त बिजली बना रहा है, जबकि भीषण गर्मी के दिनों में यह उत्पादन बढ़कर 12 से 14 यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। घर में रोजाना महज 2 से 5 यूनिट बिजली की खपत होती है और शेष बची हुई अतिरिक्त बिजली सीधे पावर ग्रिड में जमा हो रही है। इस बची हुई बिजली का वार्षिक समायोजन (नेट मीटरिंग) होने के बाद विभाग द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।
“कल तक उपभोक्ता था, आज बिजली बेच रहा हूँ”
रामेश्वर प्रसाद ने अत्यंत उत्साह के साथ कहा, “पहले मैं सिर्फ बिजली का उपभोक्ता था और हर महीने बिल चुकाता था। लेकिन आज मैं खुद बिजली बनाकर विद्युत कंपनी को बेच रहा हूँ। इस योजना ने न सिर्फ मेरी आर्थिक बचत कराई है, बल्कि मुझे अतिरिक्त कमाई का एक शानदार जरिया भी दिया है।”
प्रेरणा से जंगलेसर के 40 से 50 घरों में लगी सोलर प्लेटें
रामेश्वर के घर पर सोलर प्लांट की सफलता को देखकर अब पूरा गांव सौर ऊर्जा अपनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है। गांव के लोग उनके पास आकर इसकी तकनीकी व आर्थिक लाभ की जानकारी लेते हैं। रामेश्वर ग्रामीणों को अपने मोबाइल ऐप पर बिजली उत्पादन के आंकड़े दिखाकर प्रेरित करते हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि ग्राम जंगलेसर में ही अब तक लगभग 40 से 50 परिवारों ने अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करवा लिया है।
इस अभूतपूर्व बदलाव और जनकल्याणकारी कदम के लिए किसान रामेश्वर प्रसाद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़कर बिजली बिल से मुक्ति पाएं और देश को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने में सहभागी बनें।
