राजनांदगांव। जिले में किशोरी बालिकाओं को खतरनाक बीमारी सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक जिले की 6576 बालिकाओं को एचपीवी का सुरक्षा कवच दिया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 14 से 15 वर्ष तक की आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नि:शुल्क टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित है। जिले में अब तक हुए टीकाकरण के दौरान बालिकाओं में इसका कोई भी साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव) देखने को नहीं मिला है।
छूटी हुई 4001 बालिकाओं को लगेगा टीका
सीएमएचओ डॉ. नवरतन ने बताया कि जिले में लक्ष्य के अनुसार अभी भी 4001 किशोरी बालिकाएं एचपीवी टीकाकरण से छूटी हुई हैं, जिन्हें कवर करने के लिए स्वास्थ्य अमला लगातार प्रयासरत है। इसके लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
“सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर कैंसर है, जिससे समय पर एचपीवी टीका लगवाकर पूरी तरह बचा जा सकता है। मैं जिले के सभी पात्र किशोरी बालिकाओं के माता-पिता से अपील करता हूं कि वे अपनी बेटियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर यह सुरक्षा टीका अवश्य लगवाएं।”
— डॉ. नेतराम नवरतन, सीएमएचओ (राजनांदगांव)
स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की सभी पात्र बालिकाओं को यह टीका उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर से लेकर जिला चिकित्सालय बसंतपुर तक नि:शुल्क लगाया जा रहा है। अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बालिकाओं का पंजीयन व टीकाकरण करवा सकते हैं।
