राजनांदगांव। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के नाम पर आटिटोरियम में आयोजित युवा संसद के प्रपंच में उपमुख्यमंत्री के सामने भीड़ जुटाने भाजपाई स्कूलों से बच्चों को ले आए। तिमाही परीक्षा के दौर में इन बच्चों को तीन-चार घंटे तक आडिटोरियम में बिठाए रखा गया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने आरोप लगाया कि ऐन तिमाही परीक्षाओं के बीच बच्चों की पढ़ाई छुड़वाकर बार-बार उनके राजनीतिक उपयोग के कुत्सित प्रयास भाजपा कर रही है। अभिभावक खून-पसीने की कमाई से स्कूली फीस जुटा रहे हैं और उनके बच्चों को भाजपा अपने नंबर बढ़ाने का जरिया बना रही है, यह निंदनीय है और गलत उदाहरण स्थापित करता है।
मुदलियार ने कहा कि कार्यक्रम स्थलों पर बच्चों को चार-चार घंटे तक यूं ही बैठाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर भीड़ न जुटने से घबराए भाजपा के नेताओं की ये करतूत भविष्य से खिलवाड़ है। ऐसे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ तात्कालिक कार्रवाई होनी चाहिए। आखिर परीक्षाओं के दौर में किस तरह स्कूली बच्चों को इस तरह गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों में झोंका जा रहा है। इसके जवाबदेह जिला शिक्षा अधिकारी हैं।
जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि, इससे पहले भी 17 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में भी ऐसा ही किया गया था। स्कूली छात्र-छात्राओं पर दबाव बनाकर उन्हें दीये जलाने के लिए बुलाया गया। बच्चे तीन – चार घंटे तक यहां बैठे रहे। रात आठ बजे के बाद उन्हें घर भेजा गया जिसके लिए भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। स्कूली छात्रों को छात्र नहीं बल्कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह ट्रीट करने का भाजपाई तरीके को जितना कोसा जाए उतना कम है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। हमारा अल्टीमेटम है कि कार्रवाई नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस, एनएसयूआइ भाजपा और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी। यूं ही मतलब परस्ती के लिए स्कूली छात्रों का भविष्य बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।
