टैक्स से बस संचालक व किराया बढ़ोतरी से यात्रियों पर बोझ : कुसुम दुबे

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राजनांदगांव। छग प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की सचिव, शहर जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव की महामंत्री कुसुम दुबे ने छ ग सरकार की यात्री बसों के 40% किराए में वृद्धि को जनता को आर्थिक बोझ देने के साथ ही महंगाई की मार के बाद स्मार्ट मीटर थोपने और अब बसों के किराए बढ़ोतरी को तुगलगी निर्णय करार दिया है।

महामंत्री दुबे के बतायी कि कुछ दिन पूर्व छ ग सरकार ने बसो के परमिट के दर सहित निम्न टैक्स फीस को बढ़ाकर 2500 से 10000/- , मोटर कैब टैक्सी के 1500/- को 4000/- आर टी ओ के विरुद्ध अपील फीस 200 को 2000/- सहित माल वाहक वाहनों के परमिट को 2000/- से 6000/- इसी प्रकार डुप्लीकेट परमिट को 500/- से 1000/- बढ़ाकर एवं विकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाईस जो अन्य राज्यों में 4 से 6 हजार है उसमें छ ग में 12 हजार से 13 हजार वसूल रहे है साथ ही दो वर्ष में रिनिवल चार्ज 8500/- रु है घटिया रेडियम पट्टी वसूली का माध्यम है जो भी बस संचालकों के लिए बोझिल है उसी प्रकार अब आम जनता को बस किराए में 40% अधिक भुगतान करना पड़ेगा जो बस संचालकों सहित जनता दोनों पर आर्थिक बोझ है। मोदी की गारंटी में स्कूली छात्र छात्राओं को ट्रेवलिंग एलाउंस देने की बात करने वाली भाजपा 3 वर्ष से वादा खिलाफी तो की ही है वही बस किराया तो बढ़ाया किंतु बस के माध्यम से शिक्षा अध्ययन करने आने जाने वाले बच्चों को छूट का मापदंड भी तय नहीं किया है जो स्कूली बच्चों के साथ भी अन्याय कारक है।