राजनांदगांव। चौकी चिखली और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए गौरीनगर में हुई अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 3 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। मृतक द्वारा लगातार परेशान किए जाने और पुरानी रंजिश के चलते इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी और 4 विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) को हिरासत में लिया है, जिन्हें न्यायालय के आदेश पर क्रमशः जेल और संरक्षणात्मक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पत्थर, डंडे और चाकू से किया था हमला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने 19 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 मई की शाम 6 बजे से 19 मई की सुबह 6 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पुत्र अब्दुल रक़ीब (निवासी गौरीनगर) की पत्थर, डंडे और धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दी है। चिखली पुलिस ने मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में चिखली पुलिस और सायबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
पुलिस टीम ने गौरीनगर, महादेव नगर और अचानकनगर क्षेत्र में तफ्तीश शुरू की। इस दौरान क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर अचानकनगर निवासी ईशू यादव उर्फ पंछी उर्फ पप्पू (18 वर्ष 09 माह) और उसके 4 नाबालिग साथियों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म:
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि मृतक अब्दुल रक़ीब उन्हें लगातार परेशान करता था। इसी पुरानी रंजिश के कारण उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से 18 मई की रात गौरीनगर पावर हाउस के पास टॉवर के नीचे डंडे, पत्थर और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
मृतक का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, मृतक अब्दुल रक़ीब के खिलाफ पूर्व में थाना में धारा 327, 294, 323, 506, 34 भादवि के तहत आपराधिक मामले दर्ज थे।
इस टीम को मिली सफलता
इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई में सीएसपी वैशाली जैन के मार्गदर्शन में चिखली चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, उनि राकेश पटेल, सत्तुलाल कवंर, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, उप निरीक्षक नरेश बंजारे, आरक्षक मनोज खूंटे, मनीष वर्मा, प्रख्यात जैन और चिखली स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।
