डोंगरगांव। नाबालिग बालिकाओं एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर राजनांदगांव पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। थाना डोंगरगांव पुलिस ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुराचार करने वाले आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व एसडीओपी मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
यह था पूरा मामला
प्रार्थी ने थाना डोंगरगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 19 अगस्त की रात बिना बताए कहीं चली गई है। काफी खोजबीन और रिश्तेदारों से पूछताछ के बाद भी सुराग न मिलने पर पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
नागपुर के अपार्टमेंट में दी दबिश
पतासाजी के दौरान पुलिस को बालिका के नागपुर में होने की सूचना मिली। डोंगरगांव पुलिस की टीम ने नागपुर स्थित मैक्स ग्लोरी अपार्टमेंट में दबिश देकर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से आरोपी कैलाश उइके (20 वर्ष), निवासी ग्राम लिलामेटा, थाना रूपझर (जिला बालाघाट, म.प्र.) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उसके खिलाफ वैधानिक धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रमाकांत कुर्रे, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन देशमुख तथा आरक्षक रामचरण साहू का विशेष योगदान रहा।
