राजस्व वसूली और दुकान किराए में सुधार के लिए महापौर ने दिए कड़े निर्देश

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राजनांदगांव। गत वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली शासन के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं होने पर महापौर मधुसूदन यादव ने आज राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय कार्यों में कर्मचारियों की ड्यूटी के कारण वसूली प्रभावित हुई, जिसके चलते शासन ने गत वर्ष की संपत्तिकर वसूली के लिए एक माह की बढ़ोत्तरी दी थी। हालांकि इससे वसूली हुई, लेकिन संतोषजनक नहीं थी।
महापौर यादव ने निर्देश दिया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए नए दर से डिमांड तैयार करें और करदाताओं को जुलाई तक 6.25 प्रतिशत तथा दिसंबर तक 4 प्रतिशत की छूट का लाभ समझाकर वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी घर-घर जाकर करदाताओं को जागरूक करें और वसूली के लिए योजना बनाकर कार्य करें।
उन्होंने यह भी कहा कि खुली और आवासीय भूमि पर 10 प्रतिशत तथा व्यवसायिक व औद्योगिक संपत्तियों पर 20 प्रतिशत दर के अनुसार वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जल विभाग और भवन नजूल से नई संपत्तियों की जानकारी लेकर कर वसूली तेज़ करें।
दुकान किराए की समीक्षा के दौरान महापौर ने सभी दुकान प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे निगम स्वामित्व की दुकानों, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की दुकानों के प्रिमियम राशि, अनुबंध और किराया की स्थिति की क्षेत्रवार जानकारी रखें और नोटिस जारी कर वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेकर कार्य करेए जिससे सही और समय पर वसूली सुनिश्चित हो।
बैठक में आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि जून के पहले सप्ताह तक डिमांड दुरुस्त कर माहवार वसूली लक्ष्य तय करें। साथ ही, करदाताओं को छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपने-अपने वार्ड में विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर, हाई मास्क टावर, निगम और शासकीय भवनों की जानकारी जल्द एकत्र कर आगामी बैठक में प्रस्तुत करें।
बैठक में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा, पूर्व पार्षद शरद सिन्हा, प्रमुख राजस्व अधिकारी हितेश ठाकुर, राजस्व उप निरीक्षक एवं सहायक राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।