राजनांदगांव। विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीवका मिशन ग्रामीण के शुभारंभ अवसर पर आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपने विधानसभा निवास कार्यालय से तथा जिला पंचायत सभाकक्ष से सांसद संतोष पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर जितेन्द्र यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम से जुड़े। सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा गरीब परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है तथा जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास, भूमि सुधार, ग्रामीण सड़क निर्माण एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिवस किए जाने से ग्रामीण मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा तथा गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण और किसान हितैषी संकल्प को यह योजना और अधिक प्रभावी बनाएगी। उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा आधारभूत अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिवस का रोजगार मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिवस कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, नहर, जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों का पलायन कम होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोडऩे का आग्रह किया।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीवका मिशन ग्रामीण योजना में रोजगार की अवधि 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस किए जाने से श्रमिक परिवारों को अतिरिक्त रोजगार और आय का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना का दायरा बढ़ाते हुए जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण आवश्यकताओं पर आधारित निर्माण कार्यों तथा अन्य विकास कार्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना का विशेष फोकस ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर है। जिले में एक लाख 30 हजार से अधिक महिला स्वसहायता समूह सदस्य सक्रिय हैं और उनकी भागीदारी से योजना के बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा पलायन रोकने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती अनिता सिन्हा, उपाध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास मनोज निर्वाणी, जिला पंचायत सदस्य गोपाल सिंह भूआर्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम बाई मंडावी, जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, राजेश श्यामकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
विकसित भारत जी-राम-जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा गरीब व जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
