राजनांदगांव। चौकी चिखली क्षेत्र के अंतर्गत पारिवारिक विवाद के बाद एक साले द्वारा अपने ही जीजा के घर में आग लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मारपीट के बाद जीजा द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने जाने से नाराज होकर आरोपी साले ने इस वारदात को अंजाम दिया। चिखली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गाली-गलौज का विरोध करने पर की थी मारपीट
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अपने मोहल्ले में बैठकर घरेलू बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसका साला रिस्ता नेताम शराब के नशे में धुत्त होकर वहां पहुंचा और मां-बहन की अश्लील गालियां देने लगा। जब जीजा ने गाली-गलौज करने से मना किया, तो आरोपी और अधिक उत्तेजित हो गया। उसने हाथ-मुक्के से मारपीट शुरू कर दी और किसी नुकीली वस्तु से वार कर जीजा के गाल पर गंभीर चोट पहुंचा दी।
रिपोर्ट लिखाने चौकी गया जीजा, पीछे से फूंक दिया घर
मारपीट से आहत होकर जब पीड़ित जीजा रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चिखली चौकी रवाना हुआ, इसी बीच आरोपी साले ने गुस्से में आकर जीजा के सूने घर में आग लगा दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2) और 326(जी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घेराबंदी, ग्राम बोरी से दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में चिखली चौकी पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी रिस्ता नेताम (गोड़) पिता स्वर्गीय तुलसीराम गोड़ (27 वर्ष, निवासी ग्राम बोरी) को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है।
कार्रवाई में चिखली स्टाफ की रही मुख्य भूमिका
इस त्वरित व सराहनीय कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चन्द्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर, आरक्षक सुनील बैरागी, चन्द्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, आदित्य सोलंकी सहित चिखली चौकी स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
